Saturday, August 20, 2011

कृष्ण बनो तो...

तुम
अधरों पर धर मुरली
धुन नई छेड़ो
मैं
पुनः सब स्मृतियाँ छोड़
तुम्हारे चरणों में आजाऊं
पुलकित हो आऊं
प्रिय तुम ...
इस युग के कृष्ण बनो तो
मैं राधा बन जाऊं ......!

5 comments:

रश्मि प्रभा... said...

aahwan hai krihn ka, radha to hai hi...

nutan said...

Par bina krishna ke radha ho jane ka prayatna bhi nirarthak hai!

S.M.HABIB said...

सुन्दर...
जन्माष्टमी की बधाईयाँ..

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

सशर्त सुन्दर समर्पण...कृष्णजन्माष्टिमी की बधाई

तरुण भारतीय said...

बहुत अच्छा ...

www.hamarivani.com