Thursday, August 25, 2011

सुन्दर पल...


सुन्दर पल
मत कर छल
थोड़ा ठहर ठहर कर चल
तुझ में तो है कितना बल
होने दे मेरे स्वप्न सफल
आज ही बस तू न ढल
किसने देखा है फिर कल
सुन्दर पल
मत कर छल....

13 comments:

रश्मि प्रभा... said...

per chhal to hota hai...

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सुन्दर पल
मत कर छल...

सुन्दर अभिव्यक्ति...
सादर बधाई...

Suresh kumar said...

सुन्दर अभिव्यक्ति...

Maheshwari kaneri said...

सुन्दर पल
मत कर छल...सुन्दर रचना..बधाई

सुधाकल्प said...

बहुत सुंदर ,भावभरी कविता।
सुधा भार्गव

nutan said...

aap sabhi ki sarahna se bahut protsaahan mila... dhanyawaad!!

Sunil Kumar said...

सुन्दर अभिव्यक्ति, बधाई...

चन्द्र भूषण मिश्र ‘ग़ाफ़िल’ said...

सुन्दर प्रस्तुति

Dr.Nidhi Tandon said...
This comment has been removed by the author.
Dr.Nidhi Tandon said...

सच,सुन्दर पल अगर धीरे धीरे ढलते,चलते,गुजरते तो कितना अच्छा होता

S.N SHUKLA said...

सुन्दर रचना, सशक्त प्रस्तुति .

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

Bahut Sunder...

nutan said...

bahut dhanyawaad aap sabhi ka!

www.hamarivani.com