Tuesday, July 31, 2012

रास्ते


क्या कभी ये रास्ते
फिर जा सकेंगे ...
उन ढलानों की तरफ
कि जहाँ पर छोड़ आई
मैं
कई क़िस्से
अधूरे ...

Photo: क्या कभी ये रास्ते 
फिर जा सकेंगे ...
उन ढलानों की तरफ 
कि जहाँ पर छोड़ आई 
मैं 
कई क़िस्से
अधूरे ...

8 comments:

अरुण चन्द्र रॉय said...

.. मन को छूती हुई

Prakash Jain said...

Raaste hai adhure...Kyunki Kissey adhure hain...

Sundar

sushma 'आहुति' said...

खुबसूरत अभिवयक्ति....

Sunil Kumar said...

बहुत ही सुंदर भावाव्यक्ति बधाई

Sriram Roy said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति..ples read my poetry www.sriramroy.blogspot.in and join..

Vinay Prajapati said...

वाह, लाजवाब!


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India Darpan said...

बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रस्तुति....
बधाई
भारत के 66 वेँ स्वाधीनता दिवस की

इंडिया दर्पण
की ओर से बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

Shanti Garg said...

बहुत ही बेहतरीन और प्रभावपूर्ण रचना....
मेरे ब्लॉग

जीवन विचार
पर आपका हार्दिक स्वागत है।

www.hamarivani.com